श्री रतन शारदा बचपन से ही संघ के सदस्य हैं। स्थानीय टीम का नेतृत्व से लेकर 5 साल के लिए मुंबई स्तर संघचालक के रूप में उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। उन्होंने विश्व अध्ययन केंद्र मुंबई की स्थापना की। वे सेंट जेवियर्स कॉलेज के पूर्व छात्र रहे हैं व अर्थशास्त्र और राजनीति विज्ञान में एमए हैं। उन्होंने “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – प्रस्तावों के माध्यम से संघ की समझ – उत्तर-पूर्व, जम्मू कश्मीर और पंजाब” विषय पर पीएचडी किया है।

उन्होंने चार पुस्तकें लिखी हैं: – आरएसएस – 360 डिग्री, संघ और स्वराज (अंग्रेजी और हिंदी) स्वतंत्रता संग्राम में संघ की भूमिका, ग्लोबल हिंदू-एक संस्मरण (एच.एस.एस के संस्थापक सदस्य), प्रो राजेंद्र सिंह – चतुर्थ सरसंघचालक की जीवनी (हिंदी)। श्री गुरुजी (द्वितीय आरएसएस सरसंघचालक) के बारे में प्रख्यात विचारक श्री रंगा हरि जी द्वारा लिखी गई दो पुस्तकों का हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद। इसके अलावा उन्होंने फिल्म्, उपन्यास, पाकविद्या से लेकर प्रबंधन तक कुल 12 पुस्तकें संपादित की हैं। वर्तमान में, आप संघ के राष्ट्रीय मीडिया टीम के सदस्य हैं।


रतन शारदा का सृजन व्याख्यान