मोहम्मद फैज़ खान गौ रक्षा प्रकोष्ठ(मुस्लिम राष्ट्रीय मंच)के राष्ट्रीय संयोजक हैं। गौ रक्षा निहितार्थ आप कई संस्थाओं व कार्यक्रमों के नेतृत्वकर्ता रहे हैं, यथा गोरक्षा क्रांति के संस्थापक व मुस्लिम गौ रक्षा दल के संरक्षक का कार्यभार सम्हाल रहे हैं। फैज़ का जन्म 10 जुलाई 1980 को छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ। आपकी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर, रायपुर (छत्तीसगढ़) में हुई। आपने राजनीती विज्ञान व हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर व राजनीती विज्ञान में ही एम. फिल.किया। तदोपरांत आपने शासकीय महाविद्यालय,सूरजपुर (छत्तीसगढ़) में 2 वर्ष तक राजनीती विज्ञान के अतिथि व्याख्याता के रूप में कार्य किया।

सन 2009 में थाईलैंड में आयोजित “युवा विश्व धर्म सम्मेलन” में भारत के एकमात्र अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया और सम्मेलन के सर्वश्रेष्ठ सदस्य चुने गए व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का मान बढाया। सन 2003 में आपने राष्ट्रीय सेवा योजना(N.S.S.) के स्वयंसेवक के रूप में राजपथ नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में भी भाग लिया। आप बालकाल से ही भाषण, वाद विवाद, निबंध, प्रश्न मंच प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेते रहे हैं एवं अनेक राज्य व राष्ट्रीय स्तर के पुरुस्कार प्राप्त किया। 16 वें राष्ट्रीय युवा उत्सव, उदयपुर में राष्ट्रीय भाषण प्रतिस्पर्धा में आपने स्वर्ण पदक जीता।

भारत में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबन्ध की मांग हेतु 10 नवम्बर, 2013 से 1 दिसम्बर, 2013 तक कुल 22 दिन जंतर मंतर, दिल्ली में अनशन किया। शंकराचार्य माधवाश्रम जी, बाबा रामदेव, ज्ञानानंद जी महाराज, आरिफ़ बेग साहब द्वारा अनशन समाप्त करवाया गया। 2014 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा बकरीद पर 12000 बैल (नंदी) काटने के आदेश के विरुद्ध अधिवक्ता शीराज़ कुरैशी के माध्यम से मुंबई हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका याचिका दायर की और बैल काटने के आदेश पर रोक लगवा दी। आपने “गाय और इस्लाम” नामक पुस्तक का संकलन किया व अनेक मुस्लिम गोपालक सम्मेलन आयोजित किये। विगत 7 वर्षों से गौरक्षा,सेवा,संवर्धन, वृक्षारोपण, नदी पर्यावरण रक्षण, बेटी बचाओ, राष्ट्रीय एकता, अखंड भारत हेतु भारत भ्रमण कर विभिन्न स्थलों में गोष्ठियाँ,सभाएँ, गौ कथाएँ इत्यादि के माध्यम से जनजागृति का कार्य कर रहे हैं। गौ रक्षा हेतु अनेक गोशालाएं खुलवाई व जन-जागरूकता हेतु 24 जून 2017 को लेह से प्रारंभ कर लेह-कन्याकुमारी-अमृतसर गौ सेवा सद्भावना पदयात्रा प्रारंभ की जो अभी तक अनवरत ज़ारी है। कुल 14,000 किलोमीटर की पदयात्रा का 13,400 किलोमीटर भाग अभी तक पूरा कर चुके हैं, जिसमें 20 राज्य पूर्ण कर 21वें राज्य दिल्ली में यात्रा कर रहे हैं।


मोहम्मद फैज़ खान का संगम व्याख्यान