इस वीडियो में, मेजर सरस त्रिपाठी “मौन संविधान” के भयानक परिणामों पर चर्चा करते हैं। वे बताते हैं कि यह कानून कैसे देश की सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों के लिए खतरा है। वे इस कानून को तुरंत रद्द करने की मांग करते हैं।
यह वीडियो उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जो भारत की सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों के बारे में चिंतित हैं।
वक्ता परिचय:
श्री त्रिपाठी एक पूर्व सेना अधिकारी हैं जिन्होंने 1992 से 1999 तक देश की सेवा की। उन्होंने कश्मीर घाटी, अमृतसर और उड़ी सेक्टर सहित विभिन्न स्थानों पर तैनाती की। कारगिल युद्ध के बाद उन्होंने सेना से त्यागपत्र दे दिया।
उनकी उपलब्धियां:
एम.ए. (दर्शन शास्त्र) की डिग्री
संघ लोक सेवा आयोग की संयुक्त रक्षा सेवा (सी.डी.एस.) परीक्षा उत्तीर्ण
सेनाधिकारी (कमीशंड ऑफिसर) के रूप में 7 साल का कार्यकाल
“होली सिनर्स : सर्च ऑफ कश्मीर” पुस्तक का प्रकाशन
विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में लेख और आकाशवाणी पर प्रसारण
उनकी ईमेल: tripathi.saras@gmail.com