Dattaraj Deshpande

Dattaraj Deshpande is a renowned scholar and Dasagranthi of the Rigveda from Bangalore. His entire education has been done through oral tradition or guru-disciple tradition. He is a gold medalist from Karnataka Sanskrit University. Currently he is a full-time volunteer in the Indian Board of Education and is working towards the revival of the Gurukul education system.

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वेद / शास्त्र भगवान के आदेश है क्या ? | श्री दत्तराज देशपांडे
२१ वी शताब्दी में विश्व के सभी लोगों को दो विभागों में पहचाना जा सकता है। प्रथम विभाग में अब्राहमिक मतों से निकली हुई जीवनदृष्टि, विचार एवं विश्वासों के अनुसार जीनेवाले होते है। दूसरे विभाग में उन मतों के खंडन के वैचारिक आंदोलनों से जन्म लेनेवाले साहित्य/विचारों से अपनी जीवनदृष्टि को बनानेवाले होते है। तीसरे प्रकार के लोग यदि होंगे भी तो, वे अवश्य मुद्रित पुस्तक, मीडिया, शिक्षा इत्यादियों से दूर रहनेवाले वनवासी लोग ही होंगे। इतनी मात्रा में अब्राहमिक विचार ने अनुयायियों को बनाने के साथ अस्वीकारीता से विरुद्ध दिशा में जाने में विवश भी किया है। इस प्रकार सहमति...
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पूजापाठ का परिचय: भाग 2 -- दत्तराज देशपांडे का संगम व्याख्यान
हम लोग पूजा, पाठ, अनुष्ठान इत्यादि क्यों करते हैं ? अधिकांश लोग, विशेष तौर पर शैक्षिक वर्ग, ऐसा सोचता है की क्योंकि हमारे पूर्वज कई पीढ़ियों से ऐसा करते आये हैं, हमें भी उसका अनुसरण करना चाहिए। उन्हें लगता है की वर्षों से चली आ रही इस पद्यति का अनुसरण करने से ही उनकी सांस्कृतिक पहचान बनी रहेगी। किन्तु वास्तविकता में ऐसा नहीं है। कोई भी पूजा या अनुष्ठान का महत्त्व अनुकरण एवं सामाजिक पहचान से परे है। हम किसी को जताने के लिए पूजा नहीं करते हैं कि हम हिन्दू है। पूजा अपनी आत्मिक उन्नति के लिए की जाने वाली प्रक्रिया है। पूजा या अनुष्ठान के बारे में कई मिथ्याबोध...
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पूजा-पाठ क्या है और उसे क्यों किया जाता है ? - दत्तराज देशपांडे का व्याख्यान
आज की समय में पूजा-पाठ एक बहुत ही गलत समझा जाने वाला शब्द है। हम नियमित रूप से मंदिर जाते हैं और घरों में भी पूजा करते हैं। अगर कोई बच्चा हमारे पास आकर, हमसे पूछता है, कि हम क्या कर रहे हैं, तो हमारे पास इसका कोई उचित जवाब नहीं है। केवल पूजा ही नहीं, हम सभी प्रकार के अनुष्ठानों को इसी में जोड़ देते हैं और उन सभी को पूजा-पाठ कह देते हैं। हमें लगता है कि शादी की प्रक्रिया भी किसी पंडित द्वारा निभाई जाने वाली पूजा ही है। वास्तविकता में, विवाह प्रक्रिया न तो पूजा है न पाठ। हम तो यह तक नहीं जानते हैं कि पूजा और पाठ दो भिन्न चीजें हैं। कई योगा विशेषज्ञ / ध्यानी...

वेद / शास्त्र भगवान के आदेश है क्या ? | श्री दत्तराज देशपांडे

२१ वी शताब्दी में विश्व के सभी लोगों को दो विभागों में पहचाना जा सकता है। प्रथम विभाग में अब्राहमिक मतों से निकली हुई जीवनदृष्टि, विचार एवं विश्वासों के अनुसार जीनेवाले होते है। दूसरे विभाग..

पूजापाठ का परिचय: भाग 2 — दत्तराज देशपांडे का संगम व्याख्यान

हम लोग पूजा, पाठ, अनुष्ठान इत्यादि क्यों करते हैं ? अधिकांश लोग, विशेष तौर पर शैक्षिक वर्ग, ऐसा सोचता है की क्योंकि हमारे पूर्वज कई पीढ़ियों से ऐसा करते आये हैं, हमें भी उसका अनुसरण..

पूजा-पाठ क्या है और उसे क्यों किया जाता है ? – दत्तराज देशपांडे का

आज की समय में पूजा-पाठ एक बहुत ही गलत समझा जाने वाला शब्द है। हम नियमित रूप से मंदिर जाते हैं और घरों में भी पूजा करते हैं। अगर कोई बच्चा हमारे पास आकर, हमसे..

वेद / शास्त्र भगवान के आदेश है क्या ? | श्री दत्तराज देशपांडे

२१ वी शताब्दी में विश्व के सभी लोगों को दो विभागों में पहचाना जा सकता है। प्रथम विभाग में अब्राहमिक मतों से निकली हुई जीवनदृष्टि, विचार एवं विश्वासों के अनुसार जीनेवाले होते है। दूसरे विभाग..

पूजापाठ का परिचय: भाग 2 — दत्तराज देशपांडे का संगम व्याख्यान

हम लोग पूजा, पाठ, अनुष्ठान इत्यादि क्यों करते हैं ? अधिकांश लोग, विशेष तौर पर शैक्षिक वर्ग, ऐसा सोचता है की क्योंकि हमारे पूर्वज कई पीढ़ियों से ऐसा करते आये हैं, हमें भी उसका अनुसरण..

पूजा-पाठ क्या है और उसे क्यों किया जाता है ? – दत्तराज देशपांडे का

आज की समय में पूजा-पाठ एक बहुत ही गलत समझा जाने वाला शब्द है। हम नियमित रूप से मंदिर जाते हैं और घरों में भी पूजा करते हैं। अगर कोई बच्चा हमारे पास आकर, हमसे..